Rahul Gandhi : मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन में राहुल गांधी के कार्यक्रम और उनके द्वारा उठाए गए शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी की तैयारी और उनके दावों पर सवाल उठाए और मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के आंकड़े सामने रखे।
Rahul Gandh के कार्यक्रम पर मोहन यादव की प्रतिक्रिया
19 सितंबर 2026 को इंदौर में Rahul Gandhi ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती और छात्रों से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को सुनते हुए शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई सवाल उठाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम में तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद महत्वपूर्ण है और उनसे गंभीरता के साथ विषयों पर बात करने की अपेक्षा की जाती है। मुख्यमंत्री का यह बयान राहुल गांधी के इंदौर दौरे के बाद आया है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या बोले CM Mohan Yadav?
Mohan Yadav ने अपने बयान में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूल छोड़ने की दर को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण काम किया है और राज्य के शिक्षा क्षेत्र में बजट बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2002-03 में मध्य प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट रेट 16 प्रतिशत था। उन्होंने इसे कांग्रेस शासन के दौर से जोड़ते हुए कहा कि उस समय शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठने चाहिए। हालांकि, ये आंकड़े और उनका राजनीतिक संदर्भ मुख्यमंत्री के बयान के रूप में ही सामने आए हैं।
Mohan Yadav ने यह भी कहा कि 2002-03 के आसपास स्कूली शिक्षा का बजट करीब 2,000 करोड़ रुपये था, जबकि अब यह बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे बच्चों की शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता के तौर पर पेश किया।
‘कांग्रेस ने छात्रों के लिए क्या किया?’—CM का सवाल
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने बयान में कांग्रेस के पिछले कार्यकाल को लेकर कई सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म, साइकिल, स्कूटर या लैपटॉप जैसी सुविधाएं दी गई थीं या नहीं।
उनका कहना था कि मौजूदा सरकार ने छात्रों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को शिक्षा और युवाओं के समर्थन से जोड़ते हुए Rahul Gandhi और कांग्रेस से अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर जवाब देने को कहा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब इंदौर में Rahul Gandhi का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम को कांग्रेस की ओर से छात्रों और युवाओं के साथ सीधे संवाद के मंच के रूप में पेश किया गया था।
राहुल गांधी ने इंदौर में छात्रों से क्या कहा?
इंदौर में Rahul Gandhi ने छात्रों से संवाद के दौरान शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की। कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों की ओर से पेपर लीक, लंबित भर्ती और सरकारी पदों से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों को सवाल पूछने से रोकती है और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
‘छात्रों की गूंज’ से बढ़ी सियासी हलचल
Rahul Gandhi का इंदौर कार्यक्रम पहले से ही मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ था। कार्यक्रम के लिए स्थान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया था। कांग्रेस ने आरोप लगाए, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अनुमति से जुड़े कारण बताए गए।
अब कार्यक्रम के बाद Mohan Yadav की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर राहुल गांधी छात्रों की शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी सरकार के शिक्षा बजट और छात्र-केंद्रित योजनाओं को सामने रखकर कांग्रेस के पुराने शासन का रिकॉर्ड पूछ रहे हैं।
मध्य प्रदेश में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर Rahul Gandhi और Mohan Yadav के बयानों के बीच यह राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है। दोनों नेताओं के बयानों में अलग-अलग दावे और राजनीतिक व्याख्याएं सामने आई हैं, इसलिए आंकड़ों के संदर्भ और उनकी परिभाषाओं को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।
