Ajit Doval Speech: उत्तराखंड के रुड़की में IIT Roorkee के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने अपने जीवन का एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि करियर के एक दौर में वह काफी निराश और दुखी थे। उस समय उनके एक पुराने तिब्बती शेरपा सहयोगी ने उन्हें जिंदगी को लेकर ऐसी बात समझाई, जिसने उनका नजरिया बदल दिया।
‘मैं बहुत दुखी था…’
दीक्षांत समारोह में Ajit Doval ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया था, जब उन्हें काफी निराशा महसूस हो रही थी। उन्होंने बताया कि उस समय तक उनका करियर अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन एक समय उन्हें लगा कि चीजें उनके मुताबिक नहीं हो रही हैं।
Ajit Doval ने बताया कि उनके साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो में काम करने वाले एक पुराने तिब्बती शेरपा सहयोगी ने उनसे पूछा, “सर, आप इतने दुखी क्यों हैं?”
इसके जवाब में उन्होंने अपनी निराशा की वजह बताई। उन्होंने कहा कि वह काफी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ इस करियर में आए थे, लेकिन उन्हें ऐसा लग रहा था कि सब कुछ गलत हो गया है।
शेरपा ने कहा- ‘ये सब Map Reading का चक्कर है’
Ajit Doval के मुताबिक, उनके सहयोगी ने उनकी बात सुनने के बाद कहा, “सर, ऐसा कुछ नहीं। ये सब Map Reading का चक्कर है।”
इसके बाद उन्होंने जिंदगी को पहाड़ों में रास्ता तलाशने से जोड़ते हुए समझाया कि कुछ लोगों की ‘मैप रीडिंग’ सही होती है, जबकि कुछ लोगों की गलत।
Ajit Doval ने बताया कि उनका वह सहयोगी कई वर्षों तक बर्फ से ढके पहाड़ों में रहा था और वहां रास्ता तलाशने का अनुभव रखता था। उसने जिंदगी को लेकर उन्हें तीन महत्वपूर्ण बातें बताईं।
जिंदगी के लिए तीन बातें
Ajit Doval ने अपने संबोधन में बताया कि उनके सहयोगी की सलाह के तीन हिस्से थे।
पहला- जानिए कि आप कहां हैं।
यानी किसी भी सफर की शुरुआत अपनी मौजूदा स्थिति को समझने से होती है।
दूसरा- जानिए कि आप कहां जाना चाहते हैं।
मंजिल स्पष्ट होगी, तभी उसके लिए सही दिशा तय की जा सकती है।
तीसरा- जानिए कि वहां पहुंचने का रास्ता क्या है।
मंजिल और मौजूदा स्थिति की जानकारी के बाद सही रास्ते का चुनाव जरूरी है।
Ajit Doval ने इसी उदाहरण के जरिए बताया कि जिंदगी में भी परिस्थितियों को समझना, लक्ष्य तय करना और उस तक पहुंचने का रास्ता पहचानना महत्वपूर्ण है।
युवाओं को दिया जिंदगी का संदेश
IIT Roorkee के Convocation में Ajit Doval की यह कहानी खास तौर पर युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश के रूप में सामने आई। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव के जरिए यह समझाने की कोशिश की कि जीवन और करियर में मुश्किल दौर आ सकते हैं, लेकिन ऐसे समय में अपनी स्थिति, लक्ष्य और रास्ते को स्पष्ट करना जरूरी है।
उनकी ‘Map Reading’ वाली कहानी में पहाड़ों में रास्ता तलाशने के अनुभव को जिंदगी के फैसलों से जोड़ा गया। Ajit Doval का यह संबोधन अब चर्चा में है।
