New Delhi : Wakf Amendment Bill अब कानून बनने के और करीब पहुंच गया है। राज्यसभा में 12 घंटे से अधिक लंबी चर्चा के बाद, देर रात 2:32 बजे इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई। वोटिंग के दौरान 128 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 95 सांसदों ने विरोध जताया। इससे पहले, यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका था।
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Wakf Amendment Bill सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
Wakf Amendment Bill इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने इसे राष्ट्रीय हित में ऐतिहासिक फैसला करार दिया, जबकि विपक्ष ने इसे संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया।
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राज्यसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार दोपहर 1 बजे इस बिल को पेश किया। चर्चा के दौरान उन्होंने 2006 में आई सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि:
2006 में देश में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनसे सालाना 163 करोड़ रुपये की आय होती थी।
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आज वक्फ संपत्तियों की संख्या बढ़कर 8.72 लाख हो गई है।
Wakf Amendment Bill अगर इन संपत्तियों का सही प्रबंधन किया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है, जिसका लाभ गरीब मुसलमानों और जरूरतमंद वर्गों को मिल सकता है।
अब आगे क्या ?
Wakf Amendment Bill राज्यसभा में यह बिल पारित होने के साथ ही कानून बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा चुका है। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस कानून से वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है।
