उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर गौशालाओं का बेहतर संचालन करें गौ शाला संचालकों की बैठक में स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरी ने दिये निर्देश

Swami Akhileshwaranand :- मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड की कार्यपरिषद के अध्यक्ष Swami Akhileshwaranand स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरी ने आज जिले की गौ शालाओं के संचालकों एवं नोडल अधिकारियों की बैठक ली । उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुये गौ शालाओं का बेहतर संचालन करने के सूचना बैठक में दिये।

स्वामी अखिलेश्वरानन्द जी ने गौशाला के संचालकों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री गौसेवा योजना के अन्तर्गत निर्मित गौशालाओं का उनकी शत प्रतिशत क्षमता पर संचालन किया जाये तथा गौवंश वन्य बिहार के स्वरूप में वृहद गौ शालायें बनाई जाये, ताकि निराश्रित गौवंश का पालन और देखरेख हो सके ।

गौ संवर्धन बोर्ड की कार्य परिषद के अध्यक्ष ने गौशालाओं के संचालन का दायित्व सम्हाल रहे महिला स्व सहायता समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षण देने के निर्देश भी बैठक में दिये गये । साथ ही गौशालाओं की रिक्त उपलब्ध भूमि में वृक्षारोपण करने कहा । उन्होंने कहा कि जहां राजस्व विभाग की कम से कम 50 एकड़ भूमि हो तथा समीप में वनक्षेत्र हो वहां गौवंश वन्य विहार प्रारंभ कराये जायें । स्वामी अखिलेश्वरानन्द ने बताया कि प्रदेश में पंद्रह गौवंश वन्य विहार बनाये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति शासन द्वारा दी गई है । इनमें से एक जबलपुर में गौवंश वन्य बिहार गंगई वीर तहसील कुण्डम में पुराने गौसदन के स्थान पर बनाये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । मंडी बोर्ड से गौसंवर्धन बोर्ड को 72 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है तथा इतनी ही राशि दूसरी किश्त में भी दी जाएगी । इससे गौशालाओं के लिये जरूरी संसाधन जुटाये जा सकेंगे ।

स्वामी अखिलेश्वरानन्द ने गौ ग्रास योजना का प्रचार प्रसार करने पर भी जोर दिया । उन्होंने कहा कि इसके लिये 10 रूपये प्रतिदिन तथा वार्षिक 3 हजार 650 रूपये प्रदान करने आम-जन को प्रेरित किया जाये। उन्होंने वित्तीय रूप से सक्षम मंदिर समितियों एवं सार्वजनिक ट्रस्ट को गौशालाओं के संचालन एवं सहायता हेतु प्रेरित किये जाने की जरूरत भी बताई ।

कार्यपरिषद के अध्यक्ष ने कहा गौशालाओं में गोकाष्ठ, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर गैस प्लांट, कण्डे आदि का निर्माण सुनिश्चित कर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाये । मुख्यमंत्री गौशाला योजनांतर्गत अपूर्ण गौ शालाओं को भी पूर्ण कराया जाये ।

बैठक में गौशाला संचालक डॉ सलिल जैन तथा नोडल अधिकारी डॉ मनोज वैश्य, डॉ सुनील दीक्षित, संयुक्त संचालक डॉ विनोद बाजपेयी, उपसंचालक डॉ प्रफुल्ल मून, डॉ सौरभ गुप्ता, डॉ देवश्री भौमिक, डॉ राजय वर्मा, डॉ मायल, डॉ विवेकानन्द मिश्रा, डॉ मीता दास एवं डॉ आशा बालानी डॉ नीता मिनोचा आदि उपस्थित रहे ।