PM Modi ने मंगलवार को राज्यसभा में संबोधन देते हुए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न केवल वैश्विक शांति के लिए खतरा है, बल्कि इससे व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और खाड़ी देशों में रह रहे करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
ऊर्जा संकट और व्यापार पर बड़ा असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध को शुरू हुए तीन हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं और इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है।
- पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित
- उर्वरकों (fertilisers) की उपलब्धता पर असर
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग बाधित
उन्होंने कहा कि यह स्थिति भारत के लिए भी चिंताजनक है।
खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
PM Modi ने बताया कि करीब 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- कई जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं
- इन जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य मौजूद हैं
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में संसद से पूरी दुनिया के लिए शांति और संवाद का संदेश जाना बेहद जरूरी है।
भारत का कूटनीतिक प्रयास जारी
PM Modi ने जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद उन्होंने कई देशों के नेताओं से बातचीत की है।
भारत लगातार संपर्क में है:
- खाड़ी देश
- ईरान
- इज़राइल
- संयुक्त राज्य अमेरिका
भारत का जोर इस संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए निकालने पर है।
लाखों भारतीयों की सुरक्षित वापसी
PM Modi ने बताया कि सरकार ने अब तक बड़े पैमाने पर राहत कार्य किए हैं:
- 3,75,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित लौटे
- ईरान से 1,000+ भारतीयों की वापसी
- 700 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स को सुरक्षित निकाला गया
उन्होंने कहा कि संकट के समय देश और विदेश में हर भारतीय की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
युद्ध की पृष्ठभूमि और बढ़ता तनाव
पश्चिम एशिया में यह संघर्ष चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अयातुल्ला अली खामेनेई की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मौत हो गई।
इसके बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे:
- वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित
- समुद्री व्यापार बाधित
- अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता पर खतरा
शांति ही समाधान: भारत का स्पष्ट संदेश
PM Modi ने कहा कि युद्ध में मानव जीवन को खतरा पहुंचना पूरी मानवता के हित में नहीं है।
भारत का स्पष्ट रुख:
- सभी पक्ष जल्द से जल्द शांति की ओर बढ़ें
- संवाद के जरिए समाधान निकाला जाए
- वैश्विक स्थिरता बनाए रखी जाए
