Municipal Corporation भाजपा नेताओं के सहयोग और निगम अफसरों की सांठगांठ से LIG मेन रोड पर बने अवैध अन्नपूर्णा ड्रेसेस को आज सुबह नगर निगम के अमले ने तोड़ दिया। इसके मालिक मिलिंद वशिनकर को Municipal Corporation निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से जी प्लस टू के रिहायशी निर्माण की अनुमति मिली थी, लेकिन उसने अवैध तरीके से 5 मंजिला कमर्शियल भवन बना लिया था।
आज सुबह जब निगम आमला उपायुक्त लता अग्रवाल रिमूवल पभारी अश्विन जनवदे के नेतृत्व में कार्रवाई करने मौके पर पहुंचा तो भवन मालिक मिलिंद वशिनकर रौब दिखाने लगा। इस पर उपायुक्त लता अग्रवाल भड़क गई और मौके पर ही उनकी निर्माण की नपती करवाकर ऊपर से 3 मंजिला को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान भवन मालिक मिलिंद वशिनकर जेसीबी के निचे लेट गया। इस बीच भाजपा नेताओं ने भी फोन पर दबाव बनाना चाहा, लेकिन किसी भी अफसर ने उनकी एक नहीं सुनी।
भाजपा नेता और नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण करने वाले व्यापारी के यहां कार्रवाई करने शनिवार सुबह निगम पर रिमूवल आमला पहुंच गया। जेसीबी और पोकलेन मशीन के साथ पहुंचे अफसरों और निगम कर्मियों को देखकर व्यापारी ने अपना रुतबा दिखाते हुए अफसरों पर आंखें तिरछी की तो उपायुक्त लता अग्रवाल भड़क और मौके पर ही उसके निर्माण की नपती कर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
नगर निगम के अफसरों की मिलीभगत और भाजपा नेताओं के सहयोग के बलबूते जी-प्लस टू नक्शा पास कराने वाले मिलिंद वशिनकर ने पांच मंजिला कमर्शियल भवन बना लिया। शिकायत पर निगम छह बार नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी दी लेकिन व्यापारी ने निगम के नोटिस को हवा में उड़ा दिया। नियमों की अनदेखी कर किया गया निर्माण को तोड़ने शनिवार सुबह ही निगम का अमला उपायुक्त लता अग्रवाल, रिमूवल प्रभारी अश्विन जनवदे के नेतृत्व में LIG पहुंच गए।
अपनी बिल्डिंग के सामने खड़े निगम अमले को देख व्यापारी और उसकी पत्नी अधिकारियों से विवाद करने पहुंच गए, और आंखें तिरछी कर रुतवा दिखते हुए सब कुछ नियमनुसार होने का दवा करने लगा तो उपायुक्त लता अग्रवाल भड़क गई और उन्होंने अधिकारीयों को नक़्शे की जाँच और नापती के निर्देश दिए। नक़्शे की जाँच होते ही व्यापारी की पोल खुल गई। बता दे नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा से जी-प्लस टू निर्माण की अनुमति मिली थी लेकिन उसने पांच मंजिला इमारत खड़ी कर ली।
इसमें भी उसे रिहायशी निर्माण करना था लेकिन उसने पूरी बिल्डिंग कमर्शियल तैयार कर ली। इस बिल्डिंग के निर्माण में कई नियमो की अनदेखी की गई। जिस पर निगम ने बुलडोजर चलाकर ऊपर की तीन मंजिले तोडना शुरू कर दी साथ ही इमारत के सामने करीब 25 फिट अवैध निर्माण भी तोड़ दिया, लेकिन आसपास रिहवशी प्लाट पर बनी कमर्शियल निर्माण को छोड़ दिया गया।
