Jabalpur Fake Clinic: जबलपुर में फर्जी क्लीनिकों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो क्लीनिक तत्काल प्रभाव से सील

Jabalpur Fake Clinic मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के दो संदिग्ध क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित संदिग्ध क्लीनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों क्लीनिकों में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के एलोपैथिक उपचार किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद दवाइयां जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

कलेक्टर के निर्देश पर चला विशेष अभियान

Jabalpur Fake Clinic के खिलाफ यह अभियान 28 और 29 जुलाई को चलाया गया। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अधारताल पंकज मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का उद्देश्य बिना अनुमति या नियमों के विरुद्ध चिकित्सा सेवाएं देने वाले क्लीनिकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना था।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्लीनिकों के दस्तावेज, चिकित्सकीय योग्यता और मरीजों को दी जा रही उपचार व्यवस्था की विस्तार से जांच की।

होम्योपैथी डिग्रीधारक चला रहे थे एलोपैथिक इलाज

जांच के दौरान शाहीन दवाखाना के संचालक शाहीन मोहम्मद खान, जो होम्योपैथी की डिग्री रखते हैं, बिना वैध एलोपैथिक योग्यता के मरीजों का इलाज करते पाए गए। निरीक्षण टीम ने क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां और उपचार संबंधी सामग्री बरामद की।

प्रशासन ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की और क्लीनिक को सील कर दिया।

रहमानी सिफाखाना में भी मिली गंभीर अनियमितता

Jabalpur Fake Clinic अभियान के दौरान रहमानी सिफाखाना क्लीनिक की भी जांच की गई। यहां संचालक निसार अंसारी बिना किसी मान्य एलोपैथिक डिग्री के मरीजों का इलाज करते मिले। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां और उपचार सामग्री बरामद हुई।

प्रारंभिक जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

दवाइयों के सैंपल जब्त, आगे होगी कानूनी कार्रवाई

दोनों क्लीनिकों से बरामद एलोपैथिक दवाइयों के सैंपल जब्त कर लिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि अन्य गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त टीम रही मौजूद

इस कार्रवाई में तहसीलदार अधारताल वीर बहादुर धुर्वे, शासकीय चिकित्सक डॉ. शत्रुघ्न दाहिया, डॉ. के.के. वर्मा तथा हनुमानताल थाना पुलिस की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने सभी आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया और क्लीनिकों में उपलब्ध दवाइयों व उपचार सामग्री की जांच की।

प्रशासन ने दी चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के एलोपैथिक इलाज करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोगों से भी अपील की गई है कि इलाज कराने से पहले डॉक्टर की योग्यता और क्लीनिक की वैधता की जांच अवश्य करें।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि Jabalpur Fake Clinic के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में संचालित अन्य संदिग्ध क्लीनिकों और चिकित्सा संस्थानों की भी जांच की जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और वैध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।