Jabalpur Cyber Fraud: जबलपुर में 3 लोगों से 3.85 लाख की साइबर ठगी, डॉक्टर के अपॉइंटमेंट के नाम पर APK डाउनलोड कराकर उड़ाए 2.75 लाख

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामलों में साइबर ठगों ने तीन लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपना शिकार बनाकर कुल 3 लाख 85 हजार रुपए की ठगी की है। हनुमानताल में डॉक्टर का अपॉइंटमेंट दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति के खाते से 2 लाख 75 हजार रुपए निकाल लिए गए। वहीं, रांझी में रिश्तेदार बनकर 50 हजार रुपए ठगे गए, जबकि गोरखपुर में फेसबुक स्टोरी पढ़ने के दौरान एक शिक्षक के बैंक खाते से 60 हजार रुपए निकाल लिए गए। तीनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

Jabalpur Cyber Fraud

जबलपुर में साइबर ठगी के तीन मामले, 3.85 लाख रुपए का लगाया चूना

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर में साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। कभी डॉक्टर का अपॉइंटमेंट दिलाने के नाम पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई जा रही है, तो कभी रिश्तेदार बनकर वॉट्सऐप पर पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मौजूद लिंक के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

हनुमानताल, रांझी और गोरखपुर थाना क्षेत्रों में सामने आए तीन मामलों में ठगों ने कुल 3 लाख 85 हजार रुपए की धोखाधड़ी की है। इन मामलों में पीड़ितों ने अलग-अलग समय पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब आरोपियों और ठगी में इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है।

डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर सर्च किया नंबर, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से कटे 2.75 लाख

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां रहने वाले स्वतंत्र जैन (50) अपनी मां के इलाज के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 14 सितंबर को गूगल पर डॉक्टर उदय सुमन शेखर का मोबाइल नंबर सर्च किया।

गूगल पर मिले नंबर पर कॉल करने के बाद दूसरी तरफ से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का रिसेप्शनिस्ट बताया। आरोपी ने अपॉइंटमेंट देने की प्रक्रिया के नाम पर स्वतंत्र जैन से 5 रुपए भेजने के लिए कहा। इसके बाद ठग ने उन्हें एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा।

स्वतंत्र जैन ने आरोपी के कहने पर अपने मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद 24 और 25 सितंबर के बीच उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 75 हजार रुपए निकाल लिए गए।

जब खाते से बड़ी रकम कटने की जानकारी मिली, तब उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद स्वतंत्र जैन ने हनुमानताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। इस घटना में ठगों ने डॉक्टर का अपॉइंटमेंट दिलाने के बहाने पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और APK फाइल के जरिए ठगी को अंजाम दिया।

बहनोई बनकर वॉट्सऐप पर भेजा मैसेज, 55 हजार रुपए की जरूरत बताकर ठगे 50 हजार

Jabalpur Cyber ​​Fraud साइबर ठगी का दूसरा मामला जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय सनत कुमार बेनर्जी के साथ ठगों ने रिश्तेदार बनकर धोखाधड़ी की। सनत कुमार ने 30 सितंबर को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के मुताबिक, सनत कुमार के वॉट्सऐप पर उनके बहनोई राकेश कुमार सिंह के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में 55 हजार रुपए की तत्काल जरूरत होने की बात कही गई थी। बहनोई के नाम से मैसेज आने के कारण सनत कुमार को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

Jabalpur Cyber ​​Fraud उन्होंने मैसेज में बताई गई जरूरत को देखते हुए मनीष पासवान के नाम वाली UPI ID पर गूगल पे के जरिए 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, बाद में जब उन्होंने अपने बहनोई से संपर्क किया, तो पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक हो गया था और उन्होंने पैसे मांगने के लिए कोई मैसेज नहीं भेजा था।

जांच में यह भी सामने आया कि बहनोई के मोबाइल से अन्य रिश्तेदारों को भी इसी तरह के मैसेज भेजे गए थे। इस तरह ठगों ने रिश्तेदार के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठने की कोशिश की। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल इसकी जांच कर रही है।

फेसबुक स्टोरी पढ़ते समय शिक्षक के खाते से निकले 60 हजार रुपए

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर के गोरखपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का तीसरा मामला सामने आया है। क्रिश्चन कॉलोनी, कटंगा गोरखपुर निवासी नवीन काक (55) क्राइस्ट चर्च बालक स्कूल, तैयब अली में शिक्षक हैं। उन्होंने 3 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

नवीन काक ने बताया कि 15 सितंबर को वे अपने मोबाइल पर फेसबुक की एक स्टोरी पढ़ रहे थे। स्टोरी काफी रुचिकर होने के कारण उन्होंने उसे आगे पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खोलने के बाद उनके सामने पेमेंट का विकल्प आया। हालांकि, उन्होंने तुरंत उस विकल्प को हटा दिया और आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं की।

इसके बावजूद उसी रात करीब 11 बजे उनके इंडियन ओवरसीज बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। 15 सितंबर से 16 सितंबर के बीच अज्ञात व्यक्ति ने 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके बैंक खाते से कुल 60 हजार रुपए निकाल लिए।

लगातार पैसे कटने के मैसेज मिलने के बाद नवीन काक को अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि फेसबुक स्टोरी के लिंक पर क्लिक करने के बाद किस तरह उनके बैंक खाते से रकम निकाली गई।

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर में सामने आए इन तीन मामलों से साफ है कि साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। डॉक्टर का अपॉइंटमेंट, रिश्तेदार की आर्थिक मदद और सोशल मीडिया पर मौजूद लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के कहने पर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल न करें।
  • गूगल पर मिले नंबर की पुष्टि करें: डॉक्टर या किसी संस्थान का संपर्क नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित माध्यम से जांचने के बाद ही इस्तेमाल करें।
  • पैसे भेजने से पहले करें पुष्टि: वॉट्सऐप पर किसी रिश्तेदार या परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला मैसेज आने पर सीधे कॉल करके उसकी पुष्टि करें।
  • अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें: फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें।
  • बैंकिंग जानकारी साझा न करें: किसी के साथ भी OTP, UPI PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है, तो उसे जल्द से जल्द साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।

जबलपुर में बढ़ती साइबर ठगी बनी चिंता

Jabalpur Cyber ​​Fraud जबलपुर में सामने आए इन तीन मामलों में कुल 3 लाख 85 हजार रुपए की ठगी हुई है। खास बात यह है कि तीनों मामलों में ठगों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाया। एक मामले में डॉक्टर के अपॉइंटमेंट के नाम पर APK फाइल डाउनलोड कराई गई, दूसरे में रिश्तेदार बनकर पैसे मांगे गए और तीसरे में फेसबुक स्टोरी के लिंक के जरिए बैंक खाते से रकम निकाल ली गई।

इन घटनाओं के बाद लोगों के लिए जरूरी है कि वे डिजिटल लेनदेन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करके मोबाइल में फाइल डाउनलोड करना या बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर करना भारी पड़ सकता है। फिलहाल तीनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और ठगी करने वाले आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।