Jabalpur Belkheda Thana : जबलपुर के बेलखेड़ा थाना परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो में पुराने और जब्त वाहनों के लोहे के पार्ट्स, कुछ संदिग्ध व्यक्ति, पुलिसकर्मी और काम करते नाबालिग दिखाई दे रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक आरक्षक की मिलीभगत से थाना परिसर में जब्त स्क्रैप की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की विधिवत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बेलखेड़ा थाना प्रभारी से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

Jabalpur Belkheda Thana: वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी और नाबालिग दिखे
Jabalpur Belkheda सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो बेलखेड़ा थाना परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में थाना परिसर में खड़े पुराने वाहनों के लोहे के पार्ट्स और स्क्रैप को हटाते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक आरक्षक की मिलीभगत से जब्त वाहनों के पार्ट्स और स्क्रैप की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही थी। इसके अलावा वीडियो में कुछ नाबालिग भी काम करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ASP अंजना तिवारी ने शुरू कराई जांच
मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों और लगाए जा रहे आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
इस संबंध में बेलखेड़ा थाना प्रभारी से विस्तृत जानकारी और रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में जब्त वाहनों के पार्ट्स या स्क्रैप के अवैध निस्तारण और खरीद-फरोख्त की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ वैधानिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जब्त वाहनों और सामान को रखने के तय हैं नियम
पुलिस के अनुसार, न्यायालय के आदेश या विचाराधीन मामलों के तहत जब्त किए गए वाहन और अन्य सामान थानों में सुरक्षित रखे जाते हैं। छोटे सामान को मालखाने में रखा जाता है, जबकि बड़े वाहन और अन्य सामग्री थाना परिसर में सुरक्षित रखी जाती है।
ऐसे में जब्त सामान को बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के हटाना या उसका निस्तारण करना गंभीर मामला हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां किस उद्देश्य से की जा रही थीं और क्या इसमें जब्त संपत्ति के नियमों का उल्लंघन हुआ है।
औचक निरीक्षण और निगरानी के निर्देश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थाना परिसरों में जब्त वाहनों और माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी जरूरी है। इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल Jabalpur Belkheda Thana का वायरल वीडियो जांच के दायरे में है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि जब्त वाहनों के स्क्रैप की अवैध खरीद-फरोख्त हुई थी या नहीं और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
