Jabalpur केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद जबलपुर में छात्रों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के मालवीय चौक पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इज़हार किया। छात्रों ने इसे देशभर के विद्यार्थियों के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया। इस दौरान मालवीय चौक “जय हिंद” और “जय संविधान” के नारों से गूंज उठा।
छात्रों ने इस्तीफे को अपने लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया
Dharmendra Pradhan प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी। उनका दावा है कि छात्रों के लगातार आंदोलन और दबाव के बाद यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से लिए जाने का प्रतीक है।
मिष्ठान वितरण कर मनाया जश्न, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की उठाई मांग
Dharmendra Pradhan कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मालवीय चौक पर मिष्ठान वितरण किया और एक-दूसरे को बधाई दी। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर चलाया गया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की एकजुटता ने यह साबित किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाए तो उसका असर अवश्य दिखाई देता है।
पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को समर्पित किया इस्तीफा, न्याय की उठी मांग
Dharmendra Pradhan प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन विद्यार्थियों को भी याद किया, जिन्होंने कथित रूप से मानसिक तनाव और निराशा के चलते अपनी जान गंवा दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे इस इस्तीफे को उन छात्रों की स्मृति और संघर्ष को समर्पित करते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में हुई अनियमितताओं का सबसे अधिक नुकसान छात्रों को उठाना पड़ा है और ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
21 प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
Dharmendra Pradhan छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित 21 छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एडवोकेट रुचिरा गुप्ता बोलीं- लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को मिलना चाहिए सम्मान
Dharmendra Pradhan प्रदर्शन में मौजूद अधिवक्ता रुचिरा गुप्ता ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन और अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है तथा छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
तिरंगा और तख्तियों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन, शिक्षा सुधार की मांग दोहराई
Dharmendra Pradhan मालवीय चौक पर हुए इस कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा और विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और छात्रों ने अंत में देशहित, संविधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को दोहराते हुए अपना आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही।
