Dhananjay Singh का Akhilesh Yadav पर बड़ा हमला, बोले– मुझे नहीं, क्षत्रियों से है समस्या

Dhananjay Singh पूर्वांचल के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह Dhananjay Singh ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। एक मीडिया पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान धनंजय सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को उनसे व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि उन्हें पूरे क्षत्रिय समाज से चिढ़ है

Dhananjay Singh धनंजय सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव बार-बार क्षत्रिय समाज को निशाना बनाते हैं और ‘सजातीय-सजातीय’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ पूरे समाज को टारगेट करते हैं।

राजा भैया के अपमान का लगाया आरोप

पॉडकास्ट के दौरान धनंजय सिंह Dhananjay Singh ने अखिलेश यादव पर प्रतापगढ़ के कुंडा विधायक राजा भैया के अपमान का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राजा भैया सपा सरकार में पांच साल तक कैबिनेट मंत्री रहे हैं, लेकिन हाल ही में प्रतापगढ़ में एक बैठक के दौरान राजा भैया का नाम आते ही अखिलेश यादव ने कथित तौर पर कहा— “कौन राजा?”

धनंजय सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति के साथ आप कैबिनेट में रहे हों, उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

राजा भैया की राजनीतिक यात्रा का किया जिक्र

राजा भैया की तारीफ करते हुए धनंजय सिंह Dhananjay Singh बोले कि वे अपनी मेहनत और जनाधार के बल पर राजनीति में आगे बढ़े हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1993 में सपा-बसपा गठबंधन के दौर में भी राजा भैया चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे थे और तब से लगातार विधानसभा में हैं।

Dhananjay Singh धनंजय सिंह ने कहा कि राजा भैया अपनी पीढ़ी के पहले ऐसे नेता हैं, जो किसी राजनीतिक विरासत के बिना आगे आए और आज भी जनता का भरोसा कायम है।

“यह अपमान एक व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का”

पूर्व सांसद ने कहा कि राजा भैया का अपमान दरअसल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे क्षत्रिय समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद अखिलेश यादव ने क्षत्रिय समाज को लेकर और भी टिप्पणियां कीं।

PDA फॉर्मूले पर भी साधा निशाना

सपा के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए धनंजय सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को “अगड़ों से चिढ़” है, यही वजह है कि उनके साथ समाज का बड़ा वर्ग जुड़ना नहीं चाहता।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की भाषा और सोच समाज को बांटने वाली है, जबकि आज का भारत 21वीं सदी का भारत है, जहां लोग जाति से ऊपर उठकर साथ रहते, खाते-पीते और काम करते हैं।

“70 का दशक नहीं, 21वीं सदी का भारत है”

Dhananjay Singh धनंजय सिंह ने कहा कि देश अब 1970 के दशक में नहीं है। आज हर वर्ग एक साथ खड़ा है और नागरिक के रूप में अपनी पहचान चाहता है। नेताओं को समाज को जोड़ने वाली भाषा और विचारों से जनता को जीतना चाहिए, न कि विभाजन से।