सहयोगी कार्यकर्ताओं :- स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी प्रदेश की आशा ऊषा सहयोगी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में आशा ऊषा सहयोगी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार से मांगों पर जल्द गौर किए जाने की मांग की।
प्रदेश सरकार पर शोषण का आरोप लगाते हुए आशा ऊषा सहयोगी बहनों का सब्र जवाब देने लगा है। आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिले भर के आशा ऊषा कार्यकर्ताओं ने लामबंद होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्र होकर आई आशा ऊषा सहयोगी बहनों ने सिविक सेंटर इलाके में प्रदर्शन करते हुए सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए।
आशा ऊषा कार्यकर्ताओं का साफ तौर पर कहना है कि सरकार उन से काम तो भरपूर ले रही है। लेकिन वेतन के नाम पर उनके साथ छलावा किया जा रहा है। महज प्रोत्साहन राशि देकर उनसे काम लिया जा रहा है। लेकिन उनके हितों की अनदेखी की जा रही है।
आशा ऊषा कार्यकर्ताओं ने सरकार से न्यूनतम वेतनमान दिए जाने की मांग करते हुए ऐलान किया है। कि अगर उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया तो वे प्रदेश स्तर पर जंगी आंदोलन करने मजबूर होंगी। प्रदर्शनकारी आशा ऊषा कार्यकर्ताओं ने मिशन संचालक के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द लागू किए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
दर असल पिछले दिनों ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने आशा ऊषा सहयोगी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का भरोसा दिलाया था। बावजूद इसके उनके ऐलान पर अमल ना होने से आशा ऊषा सहयोगी कार्यकर्ताओं का आक्रोश भड़क उठा है और उन्होंने सोमवार को प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।
