सिहोरा के गांधीग्राम के एक गांव में रसूखदारों का आतंक

सिहोरा :- सिहोरा के गांधीग्राम से लगे धमकी गांव में इन दिनों दबंगों ने पूरी तरह दहशत फैला रखी है। ग्रामीण आदिवासियों की जमीन पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इस वक्त आदिवासियों की जमीन पर ग्रामीण अपना कब्जा लेते चले जा रहे हैं। जिससे आदिवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लॉक डाउन के बाद से ही बड़े-बड़े लोगों की हालत खस्ता हो चुकी है तो अब गरीबों पर भी अत्याचार हो रहा है।

भोले-भाले ग्रामीण आदिवासियों की जमीनें छीन कर वहां धड़ल्ले से खनन का कारोबार किया जा रहा है। यह आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आलम यह है कि रसूखदार दबंग गांव के आदिवासियों की जमीनों पर धड़ल्ले से कब्जा कर रहे हैं। दबंग गांव के लोग अपनी धमकी से आदिवासियों को धमका रहे हैं और उन पर काफी ज्यादा दबाव बनाए हुए हैं। जैसे आदिवासी डरकर अपनी गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंचे।

पिछले दिनों ही एक आदिवासी परिवार ने सिहोरा के राजस्व अधिकारियों को पत्र देकर जान बचाने की गुहार लगाई है। दरअसल गांधी ग्राम के ग्राम भमकी और उसके आसपास के इलाके में भारी तादाद में बेशकीमती खनिज पाया जाता है। खनिज की खुदाई के लिए खनन कारोबारी ग्रामीणों को जमीनों से बेदखल कर रहे हैं और उनकी जमीन छीन कर खनिज के पट्टे मंजूर करवा रहे हैं।

कलेक्टर पहुंची पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेत्री कौशल्या गोटिया ने इस संबंध में कलेक्टर से मुलाकात करनी चाहिए लेकिन कलेक्टर के न मिलने पर भड़के कांग्रेस जनों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर के दरवाजे पर ही चस्पा कर दिया। पूर्व मंत्री कौशल्या गोंटिया ने आरोप लगाया है कि खनन कारोबारी भोले-भाले ग्रामीण और आदिवासियों की जमीनें लगातार छीन रहे हैं। लेकिन पुलिस से लेकर राजस्व अधिकारी और प्रशासनिक अमला इन सबसे बेखबर बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।