दिव्यांग Zomato Delivery Boy दूसरी मंजिल तक पहुंचा, ग्राहक ने दरवाजे पर पहुंचते ही कैंसिल किया ऑर्डर; वीडियो वायरल

Zomato सोशल मीडिया इंसानियत और संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस बार मामला एक दिव्यांग Zomato Delivery Boy से जुड़ा है, जो शारीरिक परेशानी के बावजूद ग्राहक तक खाना पहुंचाने के लिए दूसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा। लेकिन जब वह ग्राहक के दरवाजे पर पहुंचा, तो उसे पता चला कि ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दिव्यांग होने की बात बताई, फिर भी नीचे नहीं आया ग्राहक

इंस्टाग्राम पर @handicapzomatorider नाम के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में डिलीवरी एजेंट ने अपना अनुभव बताया है। उसके मुताबिक, वह एक ग्राहक का ऑर्डर लेकर पहुंचा था। जिस बिल्डिंग में ग्राहक रहता था, वहां लिफ्ट की सुविधा नहीं थी।

डिलीवरी एजेंट ने ग्राहक को फोन करके अपनी शारीरिक परेशानी के बारे में बताया और कहा कि उसके लिए सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल है। उसने ग्राहक से नीचे आकर ऑर्डर लेने का अनुरोध किया। लेकिन आरोप है कि ग्राहक ने नीचे आने से इनकार कर दिया।

वीडियो में डिलीवरी एजेंट बताता है कि ग्राहक ने कथित तौर पर कहा कि क्या 50 रुपये के मैगी के पैकेट के लिए उसे नीचे आना पड़ेगा?

दूसरी मंजिल तक चढ़ा, लेकिन दरवाजे पर पहुंचते ही ऑर्डर कैंसिल

Zomato ग्राहक के नीचे नहीं आने के बाद भी डिलीवरी एजेंट ने हार नहीं मानी। उसने किसी तरह सीढ़ियां चढ़ने का फैसला किया और ऑर्डर लेकर दूसरी मंजिल तक पहुंच गया।

लेकिन वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि ग्राहक ने ऑर्डर कैंसिल कर दिया है। वीडियो में डिलीवरी एजेंट मोबाइल स्क्रीन पर ऑर्डर कैंसिल होने का मैसेज भी दिखाता है।

इस घटना को शेयर करते हुए उसने लिखा, “ग्राहक के घर तक पार्सल लेकर गया, ग्राहक ने ऑर्डर कैंसिल कर दिया।”

वीडियो पर 2.6 करोड़ से ज्यादा व्यूज, लोगों ने जताई नाराजगी

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो को 2.61 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। बड़ी संख्या में यूजर्स ने डिलीवरी एजेंट के प्रयास और हिम्मत की तारीफ की, वहीं ग्राहक के कथित व्यवहार को असंवेदनशील बताया।

एक यूजर ने लिखा कि यह देखकर दुख होता है कि कुछ लोग इंसानियत और दूसरे व्यक्ति की परिस्थितियों को समझने के बजाय अपने पैसे और सुविधा को ज्यादा महत्व देते हैं।

वहीं एक अन्य यूजर ने डिलीवरी एजेंट का हौसला बढ़ाते हुए लिखा, “दिव्यांग आप नहीं, वो है। आपको सलाम सर!”

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा लेते समय क्या हमें उन लोगों की मेहनत और परिस्थितियों का भी ध्यान नहीं रखना चाहिए, जो मौसम, दूरी और कई मुश्किलों के बावजूद हमारा सामान घर तक पहुंचाते हैं?