Karwa Chauth Jabalpur की एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां पत्नी रश्मि गुप्ता ने अपनी किडनी दान कर पति दीपक गुप्ता को नया जीवन दिया। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद खुद अस्पताल में भर्ती रश्मि ने करवाचौथ का व्रत भी अस्पताल में ही पूरा किया। व्हीलचेयर पर बैठकर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद उन्होंने ICU में भर्ती पति का चेहरा छलनी से देखा और उनकी लंबी उम्र की कामना की।
जबलपुर के शांति नगर निवासी 55 वर्षीय दीपक गुप्ता पिछले दो साल से किडनी की गंभीर बीमारी के कारण डायलिसिस करा रहे थे। लगातार इलाज के बावजूद उनकी परेशानी बढ़ रही थी। ऐसे मुश्किल समय में पत्नी रश्मि गुप्ता ने अपनी एक किडनी दान करने का फैसला लिया, ताकि पति को नया जीवन मिल सके।
25 अक्टूबर को हुआ किडनी ट्रांसप्लांट
Karwa Chauth Jabalpur दीपक और रश्मि 24 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती हुए थे। डॉक्टरों ने 25 अक्टूबर को किडनी ट्रांसप्लांट किया। डॉक्टर विशाल वडेरा के अनुसार, दीपक के शरीर में कुछ ऐसी एंटीबॉडी मौजूद थीं, जो रश्मि की दान की गई किडनी के खिलाफ प्रतिक्रिया कर सकती थीं। इस चुनौती से निपटने के लिए प्लाज्माफेरेसिस किया गया और एंटीबॉडी कम करने के लिए विशेष इंजेक्शन दिए गए। इसके बाद ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की गई।

दूरबीन तकनीक से निकाली गई किडनी
Karwa Chauth Jabalpur किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. राजेश पटेल के मुताबिक, रश्मि की किडनी लैप्रोस्कोपिक यानी दूरबीन तकनीक से निकाली गई। पूरी सर्जरी में करीब साढ़े तीन से चार घंटे लगे। डॉक्टरों के अनुसार, ट्रांसप्लांट के 24 घंटे के भीतर नई किडनी ने बेहतर तरीके से काम करना शुरू कर दिया था।
ऑपरेशन के तीसरे दिन दीपक का क्रिएटिनिन स्तर 1.0 दर्ज किया गया। फिलहाल उन्हें डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ रही है और उनकी सेहत में सुधार बताया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

पत्नी के त्याग से मिला नया जीवन
Karwa Chauth Jabalpur सफल ट्रांसप्लांट के बाद दीपक गुप्ता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें मिला नया जीवन उनकी पत्नी के त्याग की बदौलत है। रश्मि ने भी इस खास करवाचौथ पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि पहले वह अकेले उपवास रखती थीं, लेकिन इस बार दोनों दो दिन पहले से उपवास रखे हुए थे। उन्होंने ईश्वर से अपने नए जीवन को स्वस्थ और खुशहाल बनाए रखने की प्रार्थना की।
ICU में छलनी से देखा पति का चेहरा
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद रश्मि खुद भी अस्पताल में भर्ती थीं और कमजोरी महसूस कर रही थीं। इसके बावजूद करवाचौथ के अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने उनके लिए पूजा की व्यवस्था की। रश्मि व्हीलचेयर पर बैठकर अस्पताल परिसर पहुंचीं और चंद्रमा को अर्घ्य दिया।
इसके बाद वह ICU में पहुंचीं, जहां भर्ती पति दीपक का चेहरा छलनी से देखकर उन्होंने व्रत पूरा किया। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक रहा। जबलपुर की यह कहानी करवाचौथ की परंपरा के साथ पति-पत्नी के प्रेम, समर्पण और एक-दूसरे का साथ निभाने की मिसाल बन गई।
