Rajpal Yadav ने SC में खुद रखा पक्ष, बोले- 13 साल में ₹200-250 करोड़ का नुकसान; कोर्ट ने 12 अक्टूबर तक ₹2 करोड़ जमा करने को कहा

Rajpal Yadav Supreme Court Case: बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav को चेक बाउंस से जुड़े लंबे समय से चल रहे मामलों में बुधवार, 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त राहत मिली। राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया कि वह बकाया राशि चुकाने के लिए अपनी पैतृक संपत्ति बेचने की तैयारी में हैं। उन्होंने कोर्ट में ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए, जबकि बाकी ₹85 लाख एक संभावित खरीदार द्वारा जमा किए जाने की बात कही गई।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। कोर्ट ने कहा कि यदि संभावित खरीदार 12 अक्टूबर तक ₹85 लाख रजिस्ट्री में जमा करता है, तो राजपाल यादव को कुछ शर्तों के साथ राहत दी जा सकती है।

कोर्ट में राजपाल यादव ने बताई अपनी आर्थिक परेशानी

सुनवाई के दौरान Rajpal Yadav ने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 200 से 250 फिल्मों में काम किया है। अभिनेता ने दावा किया कि पिछले 13 वर्षों के दौरान उन्हें करीब ₹200-250 करोड़ का नुकसान हुआ है।

राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में उनके करीब ₹17 करोड़ डूब गए। अभिनेता के मुताबिक, फिल्म को करीब 1,200 सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था, लेकिन विवाद के चलते फिल्म एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो सकी।

राजपाल यादव ने कोर्ट में कहा कि वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं और अदालत जब भी बुलाएगी, वह उपस्थित होने के लिए तैयार हैं।

CJI सूर्यकांत ने Rajpal Yadav से कहा- अच्छी फिल्म बनाइए

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने Rajpal Yadav से उनके करियर को लेकर भी बात की। उन्होंने अभिनेता से पूछा कि क्या उनकी कोई नई फिल्म आ रही है।

CJI सूर्यकांत ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाने और दर्शकों का मनोरंजन करने पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इससे उनकी छवि को दोबारा बनाने में मदद मिल सकती है। बातचीत के दौरान उन्होंने कोर्ट में मौजूद कुछ वकीलों के अभिनय का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि क्यों न उनके साथ फिल्म बनाई जाए।

इसके जवाब में राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने 2010 से 2026 तक चले घटनाक्रम पर आधारित फिल्म का नाम भी सोच रखा है- ‘सोलह सावन झेल के’।

‘अता पता लापता’ से जुड़ा है मामला

यह कानूनी विवाद वर्ष 2010 के वित्तीय लेनदेन से जुड़ा बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए करीब ₹5 करोड़ की राशि ली थी।

बाद में वर्ष 2012 में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी को ब्याज समेत करीब ₹11 करोड़ की राशि चुकानी थी। इसके बाद चेक बाउंस से जुड़े मामले अदालतों तक पहुंचे और लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया जारी है।

Supreme Court ने पहले भी जताई थी नाराजगी

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर को राजपाल यादव द्वारा अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने उस समय इसे अंतिम अवसर के तौर पर देखा था।

7 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने साफ किया कि वह अभिनेता के आचरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। हालांकि, बकाया राशि जमा करने के प्रस्ताव को देखते हुए अदालत ने उन्हें सशर्त राहत देने का रास्ता खुला रखा।

12 अक्टूबर तक ₹85 लाख जमा करने का प्रस्ताव

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष Rajpal Yadav की ओर से ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए गए। वहीं, उनकी ओर से बताया गया कि पैतृक संपत्ति के संभावित खरीदार ₹85 लाख की बाकी राशि कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने के लिए तैयार हैं।

कोर्ट ने कहा कि यदि ₹85 लाख की राशि 12 अक्टूबर तक जमा कर दी जाती है, तो राजपाल यादव को दिन-प्रतिदिन के आधार पर कुछ सशर्त राहत दी जा सकती है।

फिलहाल, Rajpal Yadav Supreme Court Case में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होगी।