Silver Price Today: चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के उम्मीद से बेहतर रहने और डॉलर के मजबूत होने के बाद कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है। Kedia Advisory के अनुसार, चांदी की कीमत करीब 1.94 प्रतिशत गिरकर ₹2,37,658 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार में अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं।
Silver Price अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में अमेरिका में Non-Farm Payrolls में 1.62 लाख की बढ़ोतरी हुई। जुलाई के आंकड़े को भी संशोधित कर 23,000 किया गया। यह आंकड़ा बाजार की करीब 56,000 की उम्मीद से काफी ज्यादा रहा। मजबूत रोजगार बाजार से यह संकेत मिला है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूती से आगे बढ़ रही है।

मजबूत रोजगार आंकड़ों से चांदी पर दबाव
Silver Price अमेरिका में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही। वहीं सालाना वेतन वृद्धि 3.1 प्रतिशत रही। हालांकि वेतन वृद्धि में कुछ नरमी दिखाई दी, लेकिन यह बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कम नहीं थी। इन आंकड़ों के बाद निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीति को लेकर अपनी रणनीति बदलनी शुरू कर दी है।
मजबूत रोजगार बाजार के कारण सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरों में बदलाव की संभावना को लेकर बाजार में चर्चा बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में फेड की ओर से दरों में बढ़ोतरी की संभावना करीब 65 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और मजबूत अमेरिकी डॉलर आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए दबाव पैदा करते हैं। यही वजह है कि अमेरिकी आंकड़ों के बाद चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली।
हालांकि फेड गवर्नर वॉलर की टिप्पणी ने बाजार को कुछ राहत भी दी है। उनका संकेत था कि अगर महंगाई लगातार 2 प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ती रहती है, तो मौजूदा ब्याज दरों को बनाए रखना उचित हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई, रोजगार और फेड अधिकारियों के बयानों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
गिरावट के बावजूद चांदी की बुनियाद मजबूत
Silver Price चांदी में भले ही फिलहाल बिकवाली का दबाव है, लेकिन इसके लंबे समय के फंडामेंटल अभी भी मजबूत दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई के अंत तक लंदन के वॉल्ट में चांदी की होल्डिंग 0.5 प्रतिशत बढ़कर 28,213 टन हो गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 52.7 अरब डॉलर बताई गई है।
यह मात्रा करीब 9.40 लाख सिल्वर बार के बराबर मानी जा रही है। इसके बावजूद वैश्विक चांदी बाजार लगातार संरचनात्मक घाटे यानी Structural Deficit की स्थिति में बना हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक सिल्वर मार्केट लगातार छठे साल संरचनात्मक घाटे की ओर बढ़ रहा है। 2021 के बाद से स्टॉक्स से करीब 762 मिलियन ट्रॉय औंस चांदी निकाली जा चुकी है। इससे भविष्य में बाजार में उपलब्धता और लिक्विडिटी को लेकर दबाव बढ़ सकता है।
2026 में सिल्वर डेफिसिट बढ़ने का अनुमान
Silver Price चांदी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 2026 में वैश्विक सिल्वर डेफिसिट बढ़ने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार 2025 में यह घाटा करीब 40.3 मिलियन औंस था, जो 2026 में बढ़कर 46.3 मिलियन औंस तक पहुंच सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि कुल मांग में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। इंडस्ट्रियल फैब्रिकेशन में भी लगभग 3 प्रतिशत की कमी आ सकती है और यह चार साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है।
इसके बावजूद सिक्कों और चांदी की बार की मांग में तेजी आने की उम्मीद है। इस सेगमेंट की मांग में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। खासतौर पर अमेरिका में मजबूत खरीदारी चांदी की मांग को सपोर्ट कर सकती है।
दूसरी ओर वैश्विक चांदी आपूर्ति में भी करीब 2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। यानी एक तरफ सप्लाई घट सकती है और दूसरी तरफ निवेश संबंधी मांग मजबूत रह सकती है। यही वजह है कि छोटी अवधि में कीमतों पर दबाव के बावजूद लंबी अवधि में चांदी के फंडामेंटल को मजबूत माना जा रहा है।
तकनीकी संकेत क्या कह रहे हैं?
Silver Price टेक्निकल चार्ट पर भी फिलहाल चांदी में कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। कीमत में गिरावट के साथ Open Interest में 0.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 12,293 कॉन्ट्रैक्ट पर पहुंच गया।
जब कीमत गिरने के साथ Open Interest बढ़ता है, तो इसे अक्सर बाजार में नई शॉर्ट पोजीशन बनने के संकेत के रूप में देखा जाता है। इसका मतलब है कि फिलहाल ट्रेडर्स का एक वर्ग चांदी में और गिरावट की उम्मीद कर रहा है।
चांदी के लिए तत्काल सपोर्ट ₹2,34,135 के आसपास बताया गया है। अगर कीमत इस स्तर के नीचे टिकाऊ तरीके से टूटती है, तो अगला दबाव ₹2,30,610 तक देखने को मिल सकता है।
वहीं ऊपर की तरफ ₹2,41,620 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है। अगर चांदी इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलती है, तो रिकवरी का रास्ता खुल सकता है और कीमत ₹2,45,580 तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Silver मौजूदा स्थिति में चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक औद्योगिक मांग पर नजर रखनी चाहिए। शॉर्ट टर्म में मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद चांदी के लिए चुनौती बनी रह सकती है।
वहीं लंबी अवधि में लगातार बढ़ता Structural Deficit, घटती वैश्विक सप्लाई और निवेश मांग चांदी के पक्ष में जा सकती है। इसलिए निवेशकों के लिए सिर्फ मौजूदा गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के फंडामेंटल और तकनीकी स्तरों को समझना जरूरी है।
