होर्मुज संकट पर जल्द आ सकती है बड़ी राहत, US-Iran समझौते के संकेत

US-Iran तनाव के बीच दुनिया को मिल सकती है ‘गुड न्यूज’

US-Iran के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया के लिए राहत भरी खबर सामने आ सकती है। होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ घंटों में बड़ा सकारात्मक ऐलान हो सकता है।

US-Iran भारत दौरे पर आए मार्को रूबियो ने S. Jaishankar के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 48 घंटों में हुई बातचीत के बाद ईरान के साथ समझौते की उम्मीद काफी बढ़ गई है और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है।

ट्रंप बोले- समझौते के बेहद करीब पहुंचे

US-Iran इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी दावा किया था कि वॉशिंगटन और तेहरान युद्ध खत्म करने वाले समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान के साथ समझौते के अंतिम बिंदुओं और विवरणों पर बातचीत जारी है और जल्द इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित समझौते में किन-किन शर्तों को शामिल किया गया है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और LNG सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर देखने को मिला।

यूरेनियम भंडार को लेकर भी चर्चा तेज

The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान ने व्यापक शांति समझौते के हिस्से के तौर पर अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर बातचीत के संकेत दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान हथियार-ग्रेड स्तर के करीब पहुंच चुके यूरेनियम स्टॉक पर चर्चा के लिए तैयार हुआ है। इस मुद्दे पर अगले 30 से 60 दिनों में विस्तृत वार्ता हो सकती है।

हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सौंपने पर कोई सहमति नहीं दी है। उनके मुताबिक, परमाणु कार्यक्रम शुरुआती समझौते का हिस्सा नहीं है और इस पर आगे चर्चा की जाएगी।

IAEA की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

International Atomic Energy Agency के अनुसार, ईरान के पास करीब 400 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद है, जिसे 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित किया जा चुका है। विशेषज्ञ इसे हथियार-ग्रेड संवर्धन के बेहद करीब मानते हैं।

दुनिया की नजर अगली घोषणा पर

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर पूरी दुनिया की नजर अब अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है। यदि बातचीत सफल रहती है, तो इससे न केवल युद्ध का खतरा कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।