MGNREGA बचाओ संग्राम: खड़गे बोले– यह कोई दया नहीं, गरीबों का कानूनी अधिकार है

MGNREGA कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’ के तहत पार्टी की तीन प्रमुख मांगों को सामने रखते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि मनरेगा कोई सरकारी मेहरबानी नहीं बल्कि गरीबों को मिला कानूनी अधिकार है, जिसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

MGNREGA खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं—

  1. विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) कानून को वापस लिया जाए
  2. मनरेगा को अधिकार आधारित कानून के रूप में पूरी तरह बहाल किया जाए
  3. काम के अधिकार और पंचायतों की स्वायत्तता को फिर से मजबूत किया जाए

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,

“मनरेगा कोई दान नहीं है। यह कानूनी गारंटी है। इस योजना ने करोड़ों गरीबों को उनके गांवों में काम दिया, भूख और मजबूरी में होने वाले पलायन को रोका, ग्रामीण मजदूरी बढ़ाई और महिलाओं की आर्थिक गरिमा को मजबूती दी।”

VB-G RAM G कानून पर गंभीर आरोप

MGNREGA कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नया VB-G RAM G कानून मनरेगा की अधिकार आधारित संरचना को खत्म करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत—

  • काम अब गारंटी नहीं, बल्कि अनुमति बन जाएगा
  • बजट सीमित होने से संकट के समय भी काम बंद हो सकता है
  • दिल्ली से नियंत्रण बढ़ेगा, जिससे ग्राम सभा और पंचायतें हाशिये पर चली जाएंगी
  • 60 दिन का “वर्क ब्लैकआउट” गरीबों को काम से वंचित करेगा
  • मजदूरी अनिश्चित होगी और अधिकार नहीं रह जाएगी
  • राज्यों पर 40% खर्च डालकर संघीय ढांचे को कमजोर किया जाएगा
  • तकनीक के नाम पर बायोमेट्रिक और ऐप से मजदूरों को बाहर किया जाएगा
  • गांवों की जरूरतों के बजाय ठेकेदार आधारित परियोजनाएं थोपी जाएंगी

खड़गे ने चेतावनी देते हुए कहा,

“मनरेगा MGNREGA पर हमला, करोड़ों मेहनतकशों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। कांग्रेस पंचायत से लेकर संसद तक शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से इसका विरोध करेगी।”

MGNREGA बचाओ आंदोलन: तीन चरणों में देशव्यापी संघर्ष

कांग्रेस ने नए कानून के विरोध में तीन चरणों वाला राष्ट्रव्यापी आंदोलन घोषित किया है।

पहला चरण (8–11 जनवरी)

  • 8 जनवरी: प्रदेश कांग्रेस कार्यालयों में तैयारी बैठक
  • 10 जनवरी: जिला कांग्रेस कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • 11 जनवरी: जिला मुख्यालयों पर गांधी और अंबेडकर प्रतिमाओं के पास एक दिन का उपवास

दूसरा चरण (12–30 जनवरी)

  • हर ग्राम पंचायत में चौपाल
  • कांग्रेस अध्यक्ष का पत्र घर-घर पहुंचाया जाएगा
  • विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण
  • 30 जनवरी (शहीद दिवस): वार्ड स्तर पर मनरेगा मजदूरों के साथ शांतिपूर्ण धरना

तीसरा चरण (31 जनवरी–25 फरवरी)

  • 31 जनवरी से 6 फरवरी: जिला कलेक्टर/डीएम कार्यालयों पर धरना
  • 7 से 15 फरवरी: राज्य विधानसभाओं का घेराव
  • 16 से 25 फरवरी: देश के चार ज़ोन में AICC की बड़ी रैलियां

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, यह आंदोलन ग्रामीण गरीबों के रोजगार, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लड़ा जाएगा।