Triveniganj :- त्रिवेणीगंज Triveniganj ( सुपौल) खबर प्रकाशित होते मुखिया दिनेश सरदार की बौखलाहट तेज हो गई, आपको बता दें कि मनरेगा योजनाओं के तहत बिजोलिया मिथिलेश कुमार साह एवं रोजगार सेवक के मिलीभगत से सरकार के आदेश अनुसार उजला बालू से निर्माण पर रोक है।
उसके बावजूद भी उजला बालु तीन नंबर ईट घटिया सीमेंट डालकर इसका निर्माण कार्य किया गया है, जिसकी खबर प्रमुखता से लाइव टीवी ने प्रकाशित किया खबर प्रकाशित होते मुखिया श्री दिनेश कुमार सरदार बौखलाहट तेज हो गया।
उसके बाद मुखिया ने कहा इस तरह के खबर प्रकाशित करने वाले पर हरिजन एक्ट और रेप केस में फसा देंगे खोजते रहेगा हमको। आखिरकार मुखिया जी की बौखलाहट तेज होना इस भेजना मे साफ दर्शाता है. कि यह बंदरबांट कल्याण योजना है .इन बनाए गए पशुशेड की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. और दूध का दूध . पानी का पानी निकल कर सामने आ जाएगा।
वही जलसाजी मुखिया बीते 27 फरवरी को एक आवाज सहायक संजय कुमार साह पर अवैध वसूली करने को लेकर आवेदन दिया था। फिर क्या हुआ आवेदन के उपरांत मोटी रकम लेकर आवेदन वापस ले लिया। जबकि मुखिया के दिए गए आवेदन के आधार पर कई अखबार में खबर प्रकाशित भी किया था।
उसके बाद पत्रकार के द्वारा मुखिया दिनेश सरदार से पूछा गया दिनेश सरदार ने कहा कि छोड़ दीजिए अब आवास सहायक ठीक से काम करने लगा इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं इस तरह के जनप्रतिनिधि पर सरकार की विकास योजनाओं की मांशा पूरी हो पाएगी। जो कुछ ही दिन मुखिया बने हुए हैं।
उसी में इतना पैसों की हवस जाग गई कि इन पंचायत की किए कार्यों को उजागर करने पर उन्हें केस करने की धमकी दिया जाता है। मुखिया जी भूल गए कि सरकारी कार्य पारदर्शिता से होती है. और सब को जानने का हक होते है, चाहे मुखिया जी हरिजन एक्ट केस करें, या रेप केस इन धमकी से डरने वाले नही है।
पूर्व की तरह अब भी निर्भीकता के साथ हम गलत के खिलाफ अपना आवाज बुलंद करते रहेंगे. इस मामले को लेकर उच्च अधिकारी को संज्ञान लेना चाहिए अगर इन पंचायत में बने पशु शेड की जांच हुई तो बहुत बड़ा बंदरबांट का खुलासा होने की उम्मीद है। अब देखना लाजमी होगा बनाए गए पंचायतों में सभी पशुशेड की जांच कब तक होती है। जब तक बनाए गए पशुशेड की जांच नहीं होगी तब तक हम आवाज उठाते रहेंगे।
