भोपाल में पकड़ाए आतंकियों का मददगार विदिशा से गिरफ्तार!

Bhopal :- राजधानी भोपाल से STF ने जमात ए मुजाहदीन बांग्लादेश के आतंकियों के एक और मददगार अब्दुल करीम को विदिशा से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले STF भोपाली मददगार सहवास खान को गिरफ्तार किया था। STF ने अब्दुल करीम को 25 मार्च तक रिमांड पर लिया है। एसटीएफ ने चारों आतंकियों के Bhopal भोपाल के मददगार शाहबाज खान के बाद दूसरे मददगार अब्दुल करीम को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार अब्दुल करीम आतंकियों की लोगों से मुलाकात कराने का काम करता था। एसटीएफ उसके द्वारा आतंकियों से कितने लोग को मिलाकर वैनब्रोस किया गया इसकी जांच लगी हुई है। बता दे इससे पहले शाहबाज को भोपाल से गिरफ्तार किया था।

वही वह भी आतंकियों की मदद कर रहा था। पूछताछ में आतंकियों के तार पश्चिम बंगाल के कोलकाता से निकले हैं जहां से उनको फंडिंग हो रही थी। एसटीएफ की टीम कोलकाता फंडिंग करने वालों का पता लगाने में लगी हुई है। बताया जा रहा है की आतंकियों के पास से टीम को पेट्रोल पंप बनाने के वीडियोस भी मिले हैं।

जेहाद की जड़े मजबूत करने आए थे,

जमात ए मुजाहदीन के आतंकी जेहाद की जड़े मजबूत करने आए थे। यहां पर जेहादी साहित्य बांट रहे थे। उन्होंने कई शहरों में साहित्य बांटा है। यह बात भी सामने आई है कि जब उन्होंने भोपाल की मस्जिदों में साहित्य बांटने की कोशिश की तो मौलवियों ने भगा दिया।

8 हज़ार सिम कार्ड ब्लॉक करने के निर्देश

प्रदेश की साइबर पुलिस ने फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर जारी सिम कार्ड पर सकती से कार्रवाई करना शुरू कर दिए है। मोबाइल कंपनियों को फर्जी पहचान पत्र पर जारी 8 हजार सिम कार्ड को ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। 2020 में एक विज्ञापन के जरिए कार खरीदने के लालच में एक व्यक्ति के साथ 1.75 लाख रुपए की ठगी हुई थी। इसे लेकर साइबर सेल की ग्वालियर यूनिट ने जांच शुरू की और पाया कि अपराधी जो नंबर उपयोग कर रहे थे वह किसी और के नाम से जारी है थी। ग्वालियर एस टी एफ एसपी सुधीर अग्रवाल ने कहा कि ठगों ने किसी और व्यक्ति को की पहचान का इस्तेमाल करते हुए टेलीकॉम कंपनियों से सिम कार्ड जारी करवाए थे। बाद में पता चला कि अपराध में शामिल 8 लोगों ने उनकी सिम कार्ड हासिल करने की मदद की थी। अग्रवाल ने कहा कि देश में पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड को ब्लॉक किया जा रहा है।