Smartcity :- मध्यप्रदेश के इंदौर को Smartcity स्मार्ट सिटी बनाने शहर में सड़क के किनारे हो रहे अतिक्रमण और यातायात व्ययवस्था दुरुस्त करने के लिए इंदौर नगर निगम सड़क के किनारे लगने वाली दुकानों को हटाने में लगी हैं. जिससे व्यापारियों को कई परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. अगर देखा जाए तो इसमें निगम की बड़ी लापरवाही भी देखने को मिली हैं.
Smartcity स्मार्ट सिटी के तहत राजवाड़ा और गोपाल मंदिर को फिर से बनाने का कार्य किया जा रहा है. काम की शुरुआत में इनके आसपास की दुकानों को तोड़ा गया और यहां के व्यापारियों को आश्वासन दिया गया था की उन्हें गोपाल मंदिर कंपलेक्स में दुकानें दी जाएंगे. लेकिन निगम अफसरों की उदासीनता और मनमानी के चलते व्यापारियों को आज तक दुकान नहीं मिल पाई, इसके कारण व्यापारी आर्थिक रूप से कमजोर होकर सड़क पर व्यापार करने को मजबूर है.
निगम अफसरों ने दुकान के लिए राशि जमा कराने को कहा तो अधिकतर व्यापारी ने राशि जमा भी कर दी इसके बाद भी करीब 135 व्यापारी परेशान है. इस बजह से व्यापारियों ने दुकानें फुटपाथ लगाना शुरू कर दी जिसके कारण राजवाड़ा और गोपाल मंदिर जैसे इलाकों में फिर से अतिक्रमण होने लगा हैं. लेकिन दुकान लगाने के बाद भी व्यापारियों को हमेशा कार्रवाई का डर बना रहता है.
देवस्थान उत्थान समिति के व्यापारियों को गोपाल मंदिर कांप्लेक्स में दुकान दी जानी है लेकिन उनका निर्माण कब पूरा होगा, कब व्यापारियों को दुकानें मिलेंगी इसे लेकर अभी असमंजस है. और असमंजस के चलते कारोबारी दुकान के लिए परेशान हो रहे हैं.
इस बजह से राजवाड़ा के फुटपाथ फिर से दुकाने लगना शुरू हो गई है. नगर निगम शहर को स्मार्ट बनाने के लिए साथ ही राजबाड़ा को आदर्श बनाने में जुटा हुआ है. इसके चलते राजवाड़ा क्षेत्र में हटाया गया दुकानदारों को महीनों बाद भी अब तक दुकानें आवंटित नहीं हुई है.
जबकि दुकानदार लगातार निगम अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द दुकान मिल सके. निगम अफसर गोपाल मंदिर कंपलेक्स बनने के बाद दुकानें आवंटित करने की बात कर पल्ला झाड़ लेते हैं. जबकि निगम ने अधिकतर व्यापारियों को दुकान के लिए दुकान के लिए राशि जमा करने को कहा तो व्यापारियों ने पैसे भी जमा कर दिए इसके बाद भी देवस्थान उत्थान समिति के करीब 135 व्यापारी परेशान हो रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि निगम अफसरों की लापरवाही के कारण एक बार फिर राजवाड़ा में फुटपाथ पर दुकान दुकान में शुरू हो गई इससे निगम द्वारा आदर्श राजवाड़ा बनाने की योजना पर पटरी दुकानों का दाग लगने लगा है. पहले जो दुकानदार अपनी दुकानें लगाते थे, नगर निगम अफसरों ने उनकी दुकानों को अवैध बताकर हटवा दी.
मौजूदा में इमामबाड़ा पीपली बाजार और सर्राफा बाजार के सामने चौराहे पर ही अवैध रूप से दुकाने लगने लगी है जिन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस बजह से हर दिन इन दुकानों की संख्या बढ़ती जा रही है.
